बुधवार, 22 जून 2011

नकल से तैयार हो रहे थे मैनजमेंट गुरू

वाह भाई वाह ...................एजुकेशन हब और नक़ल माफिया.

नकल से तैयार हो रहे थे मैनजमेंट गुरू

Jun 22, 02:32 am
मेरठ, जागरण संवाददाता
गढ़ रोड स्थित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर इंटर कॉलेज में मंगलवार को सामूहिक नकल का मामला प्रकाश में आया। सूचना के बाद परीक्षा कक्ष में पड़ताल करने पहुंचे मीडिया कर्मियों को देखकर भगदड़ मच गई। बड़े पैमाने पर छात्र गाइड, किताबें व पर्चियां रखकर नकल कर रहे थे। भंडाफोड़ के बाद स्कूल के प्रधानाचार्य ने इंस्टीट्यूट संचालकों पर नकल कराने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया। प्रधानाचार्य ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और यूनीवर्सिटी को भेजे गए पत्र में परीक्षा को निरस्त कर कहीं और परीक्षाएं कराने के लिए आग्रह किया है।
नागालैंड की द ग्लोबल ओपन यूनीवर्सिटी पत्राचार के माध्यम से स्नातक, परास्नातक, बीबीए, एमबीए, मॉस कम्युनिकेशन आदि कोर्स संचालित करती है। मेरठ महानगर में करीब दर्जन भर शिक्षण संस्थान ग्लोबल यूनीवर्सिटी के लिए एडमीशन करते हैं, जिसमें आरजी ग‌र्ल्स इंटर कॉलेज के पास स्थित यूआइएमटी, आइपीएस, सरस्वती, आईपीएम आदि शामिल हैं।
मंगलवार की सुबह दस बजे से यूनीवर्सिटी की परीक्षाएं शुरू हुई थीं। विभिन्न कोर्सो के लिए 42 छात्र-छात्राएं परीक्षाएं दे रहे थे, जिसमें अधिकांश परीक्षार्थी एमबीए और बीबीए के थे। सूचना पर प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग एक साथ पहुंचे। परीक्षा कक्ष में खुलेआम नकल हो रही थी। लगभग हर परीक्षार्थी के पास किताब, गाइड या नकल की पर्ची थी। मीडिया को देखते ही मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। परीक्षार्थी नकल सामग्री इधर उधर फेंकने लगे।
अंबेडकर कॉलेज के प्रधानाचार्य आरपी सिंह भी मौके पर पहुंचे। पहले तो उन्होंने नकल को सिरे से नकार दिया, मगर जब उन्हें वीडियो फुटेज और फोटोग्राफ्स दिखाए गए तो उन्होंने पूरा दोष इंस्टीट्यूट संचालकों पर मढ़ दिया। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और यूनीवर्सिटी को भेजे गए पत्र में प्रधानाचार्य ने आरोप लगाया है कि नकल माफिया उन पर नकल कराने का दबाव डाल रहे हैं। ऐसे में उनके कॉलेज से सेंटर हटा लिया जाए।
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प्रधानाचार्य और इंस्टीट्यूट संचालक में हुई भिडं़त
अंबेडकर स्कूल में चल रही नकल के खेल की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। जहां स्कूल प्रबंधन ने इंस्टीट्यूट संचालकों को कटघरे में खड़ा कर दिया, वहीं खुद प्रधानाचार्य भी कई सवालों को जवाब नहीं दे पाए। हालांकि खुद को बेदाग साबित करने के लिए प्रधानाचार्य और एक इंस्टीट्यूट संचालक में जोरदार कहासुनी हुई। मौके पर मौजूद यूआईएमटी के शगुन को प्रधानाचार्य आरपी सिंह से आड़े हाथों लेते हुए परीक्षा केंद्र तक पहुंचने पर जमकर हड़काया। हालांकि प्रधानाचार्य इस बात का जवाब नहीं दे सके कि जब परीक्षाएं कराने की जिम्मेदारी उनकी थी तो परीक्षक नदारद क्यों थे।
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'नकल माफियाओं के दबाव में ऐसा हो रहा था। मैने अपनी रिपोर्ट ऊपर भेज दी है। आगे से ग्लोबल यूनीवर्सिटी की परीक्षाएं हमारे कॉलेज में नहीं होगी।'
-आरपी सिंह, प्रधानाचार्य। 
(दैनिक जागरण से साभार)

मंगलवार, 21 जून 2011

विपक्षी दलों ने मायावती से मांगा इस्तीफा

अमर उजाला से साभार -
लखनऊ।
Story Update : Tuesday, June 21, 2011    12:55 AM
विपक्षी दलों ने सोमवार को बसपा सरकार पर जमकर हल्ला बोला। समाजवादी पार्टी ने कहा कि 48 घंटे में आधा दर्जन बलात्कार कांड के बाद मुख्यमंत्री मायावती ने सत्ता में बने रहने का हक खो दिया है। उन्हें नैतिकता के नाते तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। नेता विरोधी दल शिवपाल सिंह यादव ने सोमवार को सपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री की प्रशासन पर कोई पकड़ नहीं रह गई है। पुलिस निरंकुश, प्रशासन स्वच्छंद है।

शासन की साख खत्म हो चुकी है। महिला मुख्यमंत्री के राज में लड़कियों, महिलाओं से बलात्कार और हत्या की सबसे ज्यादा घटनाएं हुई हैं। उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने का आरोप लगाया। नेता विरोधी दल ने सीएमओ डा बीपी सिंह हत्याकांड के खुलासे के पुलिस के दावे पर संदेह जताया। कहा कि मंत्रियों और उच्च अधिकारियों को क्लीन चिट देने की साजिश रची गई है।

भंग करने की मांग 
उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने राज्य महिला आयोग पर बसपा के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाते हुए उसे भंग करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं, लड़कियों व नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार, गैंगरेप और हत्या की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। राज्य सरकार को अब एक पल भी सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। महिलाओं पर अत्याचार व उत्पीड़न के विरोध में कांग्रेस जुलाई के पहले सप्ताह में राजधानी में विरोध प्रदर्शन करेगी।

डॉ. जोशी ने मुख्यमंत्री मायावती उस बयान की कड़ी निंदा की है जिसमें उन्होंने राजनीतिक दलों और मीडिया पर इन मामलों पर हौवा खड़ा करने का आरोप लगाया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रसूखदार बसपा नेता की रिश्तेदार हैं इसलिए वह मौन बैठी हैं। उन्होंने सवाल किया कि इन घटनाओं पर महिला आयोग चुप क्यों है? आयोग द्वारा कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? चूंकि आयोग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहा है इसलिए उसे बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।

छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं: मुख्य सचिव 
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 24 घंटे के भीतर आधा दर्जन के करीब दुष्कर्म के मामलों को लेकर भले ही हो-हल्ला मचा हो, लेकिन प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप मिश्र इन वारदातों को छिटपुट घटनाएं मानते हैं। मुख्य सचिव का तो यहां तक कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पहले के मुकाबले बेहतर हो रही है। राज्य में हत्या और दुष्कर्म जैसे मामलों में भारी कटौती हो रही है। प्रदेश की कानून व्यवस्था बिगड़ने के सवाल को वह सिरे से खारिज करते हैं।

प्रदेश में लगातार सामने आ रहे दुष्कर्म के मामलों को लेकर राज्य सरकार पर पहले ही विपक्षी दलों के निशाने पर है। अब ऐसे में मुख्य सचिव के इस बयान से राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ सकती हैं। योजना आयोग के दफ्तर में प्रदेश की वार्षिक योजना मंजूर करवाने आए मुख्य सचिव से जब पत्रकारों ने दुष्कर्म के मामलों को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था में काफी सुधार हो रहा है। जब उनसे हाल के दुष्कर्म के मामलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं। राज्य सरकार प्रभावी कदम उठाते हुए इसे गंभीरता से ले रही है। मिश्र कहते हैं कि प्रशासन कानून कानून व्यवस्था को काबू रखने में सक्षम है और जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संविधान तंत्र विफल, राज्यपाल दखल दें: भाजपा
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वह प्रदेश की अराजक स्थिति में दखल दें। केंद्र सरकार को प्रदेश में संविधान तंत्र विफल होने की रिपोर्ट भेजें। भाजपा का आरोप है कि बसपा के समर्थन के चलते केंद्र ने प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की कार्यवाही नहीं की।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने आरोप लगाया कि अपराधियों, बलात्कारियों को सरकारी संरक्षण के चलते उत्तर प्रदेश दुराचार प्रदेश की स्थिति में पहुंच गया है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। पुलिस भी अपराधियों के साथ है। कई घटनाओं में पुलिस खुद आरोपी है। मुख्यमंत्री ने सत्ता में बने रहने का अधिकार खो दिया है। पार्टी प्रवक्ता ह्रदय नारायण दीक्षित ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कन्नौज की घटना की जांच के लिए प्रदेश अध्यक्ष के साथ राधेश्याम गुप्ता, विधायक सुरेश श्रीवास्तव, सुरेश तिवारी और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष मधु मिश्रा ने घटनास्थल का दौरा किया है।

जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रही सरकारः रालोद 
राष्ट्रीय लोकदल के महासचिव अनिल दुबे ने बलात्कार की घटनाओं में वृद्धि पर चिंता जताते हुए बसपा सरकार को कानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम बताया। कहा कि ये घटनाएं सरकार के लिए शर्मनाक और प्रदेश की कानून व्यवस्था के मुंह पर करारा तमाचा हैं। यदि सरकार लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, कन्नौज और बस्ती की घटनाओं पर सरकार चेत जाती तो एटा, गोंडा में बलात्कार, हत्या और कानपुर में बंधक बनाकर दुराचार की घटनाएं न होतीं।

दलित महिलाएं बलात्कार की ज्यादा शिकार
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के राज्य सचिव सुधार यादव ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं से लगता नहीं कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज है। दलित बेटी के राज में दलित महिलाएं बलात्कार की सर्वाधिक शिकार हुई हैं। अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, देवरिया की घटनाएं इसका उदाहरण हैं। पुलिस दुराचार जैसे अपराधों की रिपोर्ट नहीं लिख रही है।

बसपा को देना होगा जवाबः आरपीआई (ए)
रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया (ए) के प्रदेश प्रभारी पवन भाई गुप्ता ने कहा कि बसपा सरकार से प्रदेश की जनता का विश्वास उठ गया है। आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा को दुराचार की एक-एक घटना का हिसाब देना होगा।

शुक्रवार, 17 जून 2011

‘कांग्रेस के भ्रष्टाचार से देश शर्मसार ’


(दैनिक जागरण से साभार)
नई दिल्ली।
Story Update : Friday, June 17, 2011    1:21 AM
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने संप्रग सरकर की सबसे कमजोर नस भ्रष्टाचार पर कड़ी चोट कर बसपा कार्यकर्त्ताओं को कांग्रेस के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान कर दिया है। उत्तरप्रदेश में कांग्रेस की घेरेबंदी के जवाब में केंद्रीय सत्ता के दिल के पास तालकटोरा स्टेडियम में मायावती ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से लेकर राष्ट्रमंडल खेलों के भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाकर संप्रग सरकार पर जमकर हमला बोला। साथ ही बसपा सुप्रीमो यहां अपनी सियासत को मजबूत करने का मौका भी नहीं चूंकी। दिल्ली में बसपा काडर का विस्तार करने की रणनीति के तहत यहां उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के साथ हो रहे भेदभाव का मुद्दा उठाकर कार्यकर्त्ताओं में स्फूर्ति देने की पूरा प्रयास किया है।

देश शर्मसार हुआ है
तालकटोरा स्टेडियम से संप्रग सरकार पर कड़े प्रहार करते हुए मायावती ने कहा कि भ्रष्टाचार की जननी कांग्रेस के अरबों-खरबों रुपये के भ्रष्टाचार की वजह से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश शर्मसार हुआ है। यह सब कुछ ऐसे लोगों की नाक के नीचे हुआ है, जिसकी दुहाई देने से कांग्रेस बाज नहीं आती। राष्ट्रमंडल खेलों की अनियमितताओं पर जोर देते हुए मायावती ने कहा कि खेलों में जितना भ्रष्टाचार हुआ है, उससे दिल्ली में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की बस्तियों को नियमित करके उनका जीवन स्तर सुधारा जा सकता था। लेकिन इसके उलट दिल्ली की कांग्रेस सरकार यूपी-बिहार के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

पूरबियों को लुभाने का दांव भी
बसपा सुप्रीमो के इस सियासी वार में राजधानी की कुल आबादी में एक तिहाई ये ज्यादा पूरबियों को लुभाने का दांव भी था। केंद्र की आर्थिक नीतियों पर प्रहार करते हुए मायावती ने कहा कि गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई कांग्रेस पार्टी की ही देन है। वही भूमि अधिग्रहण के मसले पर कड़े तेवर अपनाते हुए माया ने आरोप लगाया कि धन्नासेठों को फायदा पहुंचाने की नीयत से ही संप्रग सरकार भूमि अधिग्रहण नीति में बदलाव नहीं कर रही है। उन्होंने ऐलान किया कि बसपा संसद के मानसून सत्र में इस नीति बनाने के लिए संसद में दबाव बनाएगी और जरूरत पड़ने पर संसद का घेराव भी करेगी। साथ ही मायावती ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र की कांग्रेस शासित सरकारों पर वहां के किसानों से औने पौने दाम पर जमीन लेकर उद्योगपतियों को बेचने का आरोप लगाया।

‘प्रधानमंत्री बहन जी इस बार चाहिए’
‘नीला झंडा हाथी हथियार चाहिए, प्रधानमंत्री बहन जी इस बार चाहिए।’ बसपा कार्यकर्त्ता राजाराम ने जब मुख्यमंत्री मायावती के सामने यह गीत गाया तो बसपा सुप्रीमो के मुख पर मुस्कराहट तो आई ही, साथ ही स्टेडियम में बैठे हजारों कार्यकर्त्ताओं ने झूम झूमकर बहनजी को प्रधानमंत्री बनाने के नारों से गर्जना पैदा कर दी। बृहस्पतिवार को बसपा के हजारों कार्यकर्त्ताओं के हुजूम से तालकटोरा स्टेडियम खचाखच भर गया। कार्यकर्त्ताओं के बीच सीट को लेकर मारामारी भी हुई। लेकिन मुख्यमंत्री मायावती के जिंदाबाद नारे लगाने में बसपा कार्यकर्त्ताओं ने कोई कमी नहीं छोड़ी। बहुजन की लाडली, दलितों की मसीहा, बहन जी की मिसाल देखकर बहुजन हुए निहाल, देश की नेता कैसी हो बहन जी जैसी हो, और माया आगे बढ़े हम तुम्हारे साथ है जैसे नारों से कार्यकर्त्ताओं ने माया का स्वागत किया। बसपा कार्यकर्त्ताओं ने सुर संगीत से मायावती का स्वागत किया।

मंगलवार, 17 मई 2011

वाह उत्तर प्रदेश एक तरफ जान को खतरा दूसरी ओर भ्रष्ट सम्राट का बयान


पूर्व आईएएस ने सरकार से अपनी जान को खतरा बताया

लखनऊ [जाब्यू]। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हरीश चंद्रा ने प्रदेश सरकार से अपनी जान को खतरा बताया है। यूपी काडर के आईएएस रहे हरीश चंद्रा केंद्र में ऊर्जा मंत्रालय के सचिव रह चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने राष्ट्रीय जनवादी पार्टी के नाम से एक पार्टी बना ली है। सोमवार को वह एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल से मिलने पहुंचे और बकायदा लिखा-पढ़ी में यह शिकायत दर्ज कराई कि उनकी जान को खतरा है। राज्यपाल को सौंपे गए पत्र में कहा गया है, 'यह सरकार उनकी हत्या कराने के अलावा फर्जी मनगढ़त मामलों में फंसा कर उत्पीड़न कर सकती है।'
पत्र में यह भी कहा गया है कि उप्र सरकार ईमानदार आइएएस, आईपीएस अधिकारियों को हतोत्साहित करने के लिए हर दूसरे-तीसरे महीने तबादले करती रहती है। तबादलों के लिए बने सिविल सर्विस बोर्ड के कोई मायने नहीं रह गए हैं। बार-बार तबादलों से अधिकांश कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी आमजन को नहीं मिल पाता। फूट डाला और राज करो की नीति के तहत उसने प्रोन्नति में आरक्षण के मुद्दे को विवादित बना दिया। सरकार की गलत नीतियों की वजह से ही कोर्ट प्रोन्नति में आरक्षण के आदेश को गलत ठहरा दिया है। प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल से सूबे में बसपा के कुशासन पर अंकुश लगाते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की।

अन्ना गांधी तो शांति और प्रशांत उनके बंदर

May 17, 01:10 am
मेरठ। अखिल भारतीय लोकमंच के अध्यक्ष अमर सिंह ने कहा कि अन्ना हजारे यदि गांधी हैं तो शांति भूषण और प्रशांत भूषण उनके बंदर हैं। अब तीसरे बंदर की तलाश है। टेप प्रकरण में अभिनेत्री बिपाशा बसु के बाबत अमर ने कहा कि अगर वह बुलातीं तो वह जरूर जाते।
अमर सोमवार को यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने लोकपाल बिल से जुड़ी कमेटी में अधिवक्ता शांति भूषण व प्रशांत भूषण को शामिल करने पर सवाल खड़े किए। कहा कि अगर अन्ना आज के गांधी हैं तो ये दोनों उनके बंदर हैं, फिलहाल तीसरे बंदर का खुलासा नहीं हुआ है।
बिपाशा बसु के बाबत अमर ने कहा कि अगर वह बुलातीं तो वह जरूर जाते। सीडी में आवाज को लेकर स्वयं बिपाशा ने ही चुनौती दी है। सीडी में अपनी आवाज के इस्तेमाल पर अमर का कहना है कि जो भी यह काम कर रहा है, उसके पास उनका वॉयस बैंक है। टेप की असलियत का खुलासा शीघ्र हो जाएगा। सीडी कांड के पीछे मुंबई के एक प्रसिद्ध उद्योगपति का दिमाग है। वह मुझे खत्म करना चाहता है।
यूपी में जनता के पास विकल्प नहीं
अमर सिंह का मानना है कि यूपी में फिलहाल बसपा के मुकाबले कोई विकल्प नहीं है। मुलायम सिंह घर में बैठे हैं। सपा का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि राजनीति चेतना से चलती है। जिसमें चेतना नहीं है, वह जड़ हो जाता है। कांग्रेस भट्टा पारसौल के बहाने उप्र में सिंगूर और नंदीग्राम का ख्वाब देख रही है।


स्वामी अग्निवेश के बयान पर मच गया बवाल

(स्वामी अग्निवेश ने बिल्कुल ठीक कहा है। आस्था का मतलब पाखण्ड तो नहीं होता लम्बे समय से भारत इन पाखण्डियों के चक्कर में दारिद्र्य को झेल रहा है इन पर प्रतिबन्ध लगाकर इनकी सारी सम्पदा राष्ट्र्निर्माण में लगानी चाहिए। यदि ईश्वर कहीं हैं तो वह भी मानव उत्थान ही तो चाहते हैं या अपने उपर अरबों करोड़ों खर्च कराना। यही फजूलखर्ची पाखण्ड को बढ़ावा देती है हर तरह के पाखण्डी को लूट की छूट भी।
आम आदमी जिन्दगी भर इसी प्रकार के पाखण्ड के चक्करों में पड़कर पूरा जीवन बर्वाद कर लेता है, पाखण्डी धताबताकर उसे लूटता रहता है।
डाॅ.लाल रत्नाकर
गाजियाबाद/जौनपुर)


अमर उजाला से साभार -
स्वामी अग्निवेश के बयान पर मच गया बवाल
श्रीनगर।
Story Update : Tuesday, May 17, 2011 2:34 AM

घाटी पहुंचते ही सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के सुर बदल गए। उन्हें करोड़ों हिन्दुस्तानियों की आस्था का केंद्र अमरनाथ यात्रा धार्मिक छल नजर आने लगी। पीस कान्फ्रेंस में भाग लेने पहुंचे अग्निवेश ने प्रेस से बातचीत में अलगाववादियों के सुर से सुर मिलाते हुए यात्रा को धार्मिक पाखंड और पवित्र गुफा में हिमलिंग निर्माण को प्राकृतिक सिस्टम करार दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे धर्म पर विश्वास नहीं रखते।

अग्निवेश के इस बयान से हिंदू संगठन भड़क उठे हैं। स्वामी ने अमरनाथ श्राइन बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राज्यपाल एसके सिन्हा को निशाना बनाते हुए कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते शिवलिंग पिघलने के बाद नकली शिवलिंग तैयार करवाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रदर्शनों में मारे गये 118 लोगों की मौत की सीबीआई जांच कराने और फौजी कानून हटाने की भी मांग की। इस बयान से गुस्साए विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भाजपा, क्रांति दल, शिव सेना आदि संगठनों ने अग्निवेश से माफी मांगने को कहा है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता एमएलसी एडवोकेट रवीन्द्र शर्मा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कांगे्रस ऐसे बयानों का कभी समर्थन नहीं करती।

विहिप के प्रदेशाध्यक्ष डा. रमाकांत दुबे व बाबा अमरनाथ यात्री न्यास के अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल ने बयान की कड़ी निंदा की। अग्रवाल ने कहा कि बाबा बर्फानी करोड़ों हिंदुओं की श्रद्धा का प्रतीक हैं। सालाना लाखों लोग दर्शन को आते हैं। इससे अग्निवेश को तकलीफ नहीं होनी चाहिए। बजरंग दल के प्रदेश संयोजक नंद किशोर मिश्रा ने अग्निवेश को कांग्रेसी और अलगाववादियों का एजेंट बताते हुए कहा कि स्वामी बनकर समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उन्हें कोई हक नहीं। वे अलगाववादियों की बोली बोलना बंद करें। यात्रा को पाखंड कहने पर माफी मांगे।

शिव सेना बाल ठाकरे के प्रदेश प्रमुख अशोक गुप्ता, हिंदुस्तान शिव सेना के डिपीं कोहली, शिव सेना युनाइटेड के अध्यक्ष राजेश केसरी, क्रांति दल के महासचिव प्रीतम शर्मा और भाजपा के प्रदेश सचिव युद्धवीर सेठी ने भी अग्निवेश के बयान को निंदनीय बताकर उनसे माफी मांगने को कहा है। शिव सेना ने कहा है कि अगर अग्निवेश माफी नहीं मांगेंगे तो उन्हें जम्मू में घुसने नहीं दिया जाएगा।