चीनी अखबार ने किया व्यंग्य, काले रंग के भारतीयों पर फबता है सोना | |
| बीजिंग/एजेंसी | |
| Story Update : Wednesday, August 29, 2012 12:34 AM | |
‘भारतीय काले रंग के होते हैं इसी लिए उन पर सोने के गहने फबते (अच्छे लगते) हैं।’ चीन के एक सरकारी अखबार ने भारतीयों के सोना पहनने की संस्कृति को कुछ इसी तरह तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। अभिनेत्री ऐश्वर्या राय और अन्य मॉडल की तसवीरों के साथ प्रकाशित इस आलेख को नस्ली माना जा रहा है।
पीपुल्स डेली ऑनलाइन ने किया व्यंग्य पीपुल्स डेली ऑनलाइन ने कहा है, ‘कान में बाली और गले में हार पहने महिलाओं को यहां-वहां देखा जा सकता है। यहां तक कि सड़क के किनारे भीख मांगने वाली छोटी लड़कियां भी सोने के आभूषण पहने दिख जाती हैं।’ अखबार ने व्यंग्यपूर्ण लहजे में कहा है कि भारतीय महिलाएं तो सोने का आभूषण पहने बगैर बाहर ही नहीं निकलती हैं। आभूषणों के लेन-देन का भी उड़ाया मजाक भारत में पुरुषों का आभूषण पहनना भी सामान्य बात है। शादियों में भी माता-पिता दहेज के रूप में अपनी बेटियों को सोने के गहने देते हैं। यह केवल बेटी की सुंदरता के लिए ही नहीं बल्कि शादीशुदा जिंदगी में भी उसके काम आता है। छोटे शहरों में भी आभूषणों की दुकानें खुल गई हैं। सोना खरीदने को बढ़ावा देने वाली भारत सरकार की ‘पेपर गोल्ड’ योजना का भी जिक्र किया गया है। सोने का बड़ा आयातक देश है भारत गौरतलब है कि एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वर्ष चीन सबसे बड़े सोने के आयातक देश भारत से आगे निकल सकता है। चीन में सोने की मांग तेजी से बढ़ रही है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, वर्ष के शुरुआती छह महीनों में चीन में 417 टन सोने की मांग रही जबकि भारत में 383.2 टन। हालांकि जनवरी-मार्च 2012 के दौरान भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक देश बना रहा, यहां 209 टन सोने का आयात हुआ जबकि चीन में 136 टन। |
बुधवार, 29 अगस्त 2012
काले रंग के भारतीयों पर फबता है सोना !
सब जगह मंत्री बेव्कूफ्फ़ ही बनाये जाते हैं
महिलाओं ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री लक्ष्मण ढोबले को चप्पलों से पीटा..

महाराष्ट्र में दुष्कर्म की शिकार महिलाओं पर जल वितरण मंत्री लक्ष्मण ढोबले के भाषण ने ‘जले पर नमक छिड़कने’ जैसा काम किया. महिलाओं ने आव देखा न ताव बस, दे दनादन मंत्रीजी

को चप्पलों से धुन डाला.
घटना रविवार शाम की है. महाराष्ट्र के वॉटर सप्लाई मिनिस्टर एक लक्ष्मण ढोबले स्थानीय साहित्य सम्मेलन में भाषण दे रहे थे. एनसीपी पार्टी के ढोबले का बयान था कि बलात्कार और यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को बेवजह प्रदर्शन और आंदोलन करने से कुछ हासिल नहीं होने वाला. किसी दलित महिला पर बलात्कार हो, तो वह महिला अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर वकील-जज बनाए. इसके बाद ही उसे न्याय मिलेगा. बस मंत्रीजी के यह कहने भर की देर थी कि महिलाओं का गुस्सा सांतवें आसमान पर पहुंच गया.
मंत्री महोदय नागपुर में आयोजित चौथे राज्यस्तरीय ‘अन्ना भाऊ साठे साहित्य सम्मेलन’ में प्रवचननुमा भाषण दे रहे थे. शुरुआत में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पिछड़े वर्गो के लिए रखी गई 4,430 करोड़ के बजट की राशि दलित कार्यकर्ता अपनी-अपनी जातियों को दिलाने में जुटे रहते हैं.
-चप्पल जूतों की बारिश
इसके बाद उन्होंने बलात्कार की शिकार महिलाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मोर्चे निकालने से कुछ हासिल नहीं होता. उनके इस बयान से लोग नाराज हो गए. महिलाओं ने उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी. फिर देखते ही देखते मंत्री पर चप्पलें बरसने लगीं. वहां मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि एक व्यक्ति ने मंत्रीजी के गाल पर तमाचा जड़ने का भी प्रयास किया.
इसके बाद अपनी झेंप मिटाने के लिए मंत्रीजी पिटाई की बात से मुकर गए. उन्होंने कहा मेरी पिटाई नहीं हुई, बस कुछ अराजक लोगों ने मेरे खिलाफ नारे लगाए थे. मेरे समर्थकों ने उन्हें मेरी तरफ से जवाब दे दिया. इससे पहले भी जनवरी में सतारा जिले में पुरुषों द्वारा एक दलित महिला को निर्वस्त्र घुमाने की घटना पर विवादास्पद बयान देकर मंत्रीजी फंस चुके हैं.
-इधर फिसली जुबान, उधर चली चप्पलें
वैसे अपने देश में मंत्रियों की जुबान फिसलने पर उनकी पिटाई होना कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी कई मंत्रियों की जुबान फिसलने पर जनता चप्पलों से उनका स्वागत कर चुकी है.
एक बार कर्नाटक के एक वरिष्ठ मंत्री की उन्हीं की पार्टी के एक कार्यकर्ता ने अति सुरक्षा वाले राज्य सचिवालय में सरे आम चप्पल से पिटाई की थी. बताया जाता है कि यह कार्यकर्ता उसे राज्य संचालित किसी निगम या बोर्ड का प्रमुख बनाने में मंत्री द्वारा मदद नहीं किए जाने से नाराज था. राज्य के आवास मंत्री वी.सोमण्णा जैसे ही विधान सौध स्थित अपने कक्ष से बाहर निकले, बी. एस. प्रसाद नाम के कार्यकर्ता ने उन्हें चप्पल दे मारी.
कश्मीर में सेना के जवानों ने वर्ष 2002 में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंथा चौक के समीप राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री बशीर अहमद नेंगरू और उनके पुत्र की कथित तौर पर पिटाई कर दी थी.
वहीं पिछले साज राजधानी दिल्ली में आयोजित एक समारोह से बाहर निकलते समय केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को एक सिरफिरे युवक ने सरेआम जोरदार थप्पड़ जड़ दिया था. थप्पड़ मारने वाले शख्स का नाम हरविंदर है और वह दिल्ली के रोहिणी इलाके का रहने वाला है. जैसे ही शरद पवार एक समारोह से बाहर निकले तभी वहा ताक में बैठे युवक हरविंदर ने मीडिया को हटाते हुए शरद पवार को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया था. इसके बाद वहा मौजूद मीडिया के लोगों ने युवक को पकड़ लिया लेकिन हरविंदर ने इस दौरान चाकू निकाल लिया और हवा में लहराने लगा. आरोपी मानसिक रूप से बीमार बताया गया था. आपको बता दें कि यह वही शख्स है जिसने कोर्ट के बाहर पूर्व दूरसंचार मंत्री सुखराम पर भी हमला किया था. इस घटना के बाद शरद पवार को अपना सिर छिपाने के लिए कहना पड़ा था कि इसे गंभीरता से न लिया जाए, मुझे कोई नुकसान नहीं हुआ. बावजूद इसके केंद्रीय कृषि मंत्री के नजदीक एक हमलावर का पहुंच जाना कई सवाल खड़े कर देता है.
(जागरण)
रविवार, 26 अगस्त 2012
जांच की जद में संस्कृत विवि
जांच की जद में संस्कृत विवि के दो अधिकारी भी
Aug 26, 01:04 am
फिर धमकी सीबीसीआइडी की टीम, खंगाले गए अभिलेख
जागरण संवादाता, वाराणसी : फर्जीवाड़े की जांच कर रही सीबीसीआइडी की टीम शनिवार को फिर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में धमकी। इस दौरान टीम ने तीन कर्मचारियों का बयान लिया और परीक्षा अभिलेखों को भी खंगाला। सीबीसीआइडी की जांच की जद में विश्वविद्यालय के पूर्व दो अधिकारी भी हैं।
टीम ने कर्मचारियों से अभिलेखों के रखरखाव का तरीका व अधिकारियों के नाम भी पूछे। ज्ञात हो कि विशिष्ट बीटीसी व बीटीसी में बड़े पैमाने पर संस्कृत विश्वविद्यालय के डिग्रीधारक चयनित हुए हैं। जांच में अधिकतर डिग्रीधारियों के अंकपत्र फर्जी मिले है। इसे देखते हुए शासन ने फर्जीवाड़ा की जांच सीबीसीआइडी को सौंप दी है। इस क्रम में सीबीसीआइडी की टीम कई बार जांच करने संस्कृत विश्वविद्यालय आ चुकी है। सूत्रों के अनुसार बागपत डायट को भेजी गई 198 सत्यापन रिपोर्टो की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया इस रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा देखने को मिला है। विश्वविद्यालय के अभिलेख में जो छात्र ही नहीं हैं, सत्यापन रिपोर्ट में उन्हें प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण बताया गया है। इतना ही नहीं, सत्यापन रिपोर्ट की मूल व कार्बन कॉपी में काफी अंतर है। दोनों कॉपियों में एक ही अनुक्रमांक पर अलग-अलग परीक्षार्थियों के नाम का उल्लेख किया गया है। सीबीसीआइडी इस फर्जीवाड़े में लिप्त लोगों के बारे में पता लगाने में जुटी हुई है। शनिवार को विश्वविद्यालय बंद होने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी।
रविवार, 19 अगस्त 2012
इस सरकारी अपराधी दुराचारियों की दुनिया
गोपाल कांडा ने किया था गीतिका का यौन शोषण!
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:18-08-12 09:13 PM
Last Updated:18-08-12 09:35 PM
गीतिका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि आत्महत्या से दो दिन पहले भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए थे। पुलिस अब गीतिका के 'वैजिनल स्वैब' का गोपाल कांडा के वीर्य से मिलान करेगी। गीतिका ने खुदकुशी कर ली थी और इसके लिए उसने कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।
कांडा को शनिवार को समर्पण करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने उसे सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि वे कांडा के वीर्य का नमूना शीघ्र लेने की योजना बना रहे हैं।
पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि वे गीतिका से लिए गए 'वैजिनल स्वैब' के नमूने को कांडा के नमूने से मिलान कराएंगे।
गीतिका के 11 पृष्ठों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आईएएनएस के पास मौजूद है। इसमें कहा गया है कि आत्महत्या से दो दिन पहले भी उसके साथ शारीरिक सम्बंध बनाया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गीतिका के साथ अक्सर शारीरिक सम्बंध बनाया जाता था।
पोस्टमार्टम एक संयुक्त टीम ने किया है जिसमें मौलाना आजाद मेडिकल कालेज एवं लोकनायक अस्पताल के चार डॉक्टरों की टीम शामिल थी।
पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि गीतिका और कांडा के नमूनों का मिलान कराया जाएगा और अगर गीतिका के 'वैजिनल स्वैब' के नमूने में कांडा के वीर्य की मौजूदगी पाई जाती है तो कांडा के खिलाफ पुलिस केस और मजबूत हो जाएगी।
गीतिका ने दो पृष्ठ के अपने सुसाइड नोट में कांडा और कांडा की एमडीएलआर एयरलाइंस कम्पनी की कर्मचारी अरुणा चड्डा पर आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने कांडा और चड्ढा के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
गीतिका चार अगस्त की रात उत्तरी दिल्ली स्थित अपने अशोक विहार आवास पर मृत पाई गई थी। उसने सुसाइड नोट में दोनों पर प्रताड़ना देने और अपनी जिंदगी को उजाड़ने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने इससे पहले अदालत में कहा था कि चड्ढा ने इस बात की पुष्टि की है कि गीतिक ने लाजपत नगर क्लीनिक में एक बार गर्भपात करवाया था। चड्ढ़ा को आठ अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है। चड्ढ़ा ने जांचकर्ताओं को पूछताछ में बताया कि कांडा के एमडीएलआर एयरलाइंस में केवल तीन विमान थे जबकि कम्पनी में 60 विमान परिचारिकाएं काम कर रही थीं।
कांडा को जब जांच में सहयोग देने के लिए आठ अगस्त को नोटिस भेजा गया तो उसके बाद से वह भूमिगत हो गया।
एमडीएलआर के कानूनी सलाहकार ने गीतिका और उसके भाई से उसकी आत्महत्या के एक दिन पूर्व बात की थी। उस दौरान गीतिका अपने भाई अंकित के फैशन शो में हिस्सा लेने के लिए मुम्बई में थी।
गीतिका के चचेरे भाई गौरव ने आईएएनएस से कहा कि उसके बाद से उसकी बहन काफी तनाव में आ गई।
गीतिका के भाई अंकित ने कहा कि उसकी बहन का फेसबुक अकाउंट भी बंद कर दिया गया। इस बारे में पुलिस उपायुक्त को भी सूचना दी गई। ''मैं नहीं जानता कि किसने और कैसे इसे बंद किया। लेकिन इसके पीछे कांडा है।''
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 30 से अधिक लोगों से पूछताछ की है और हरियाणा, गोवा और सिलीगुड़ी में करीब 60 स्थानों पर छापेमारी की है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि वे कांडा के वीर्य का नमूना शीघ्र लेने की योजना बना रहे हैं।
पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि वे गीतिका से लिए गए 'वैजिनल स्वैब' के नमूने को कांडा के नमूने से मिलान कराएंगे।
गीतिका के 11 पृष्ठों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आईएएनएस के पास मौजूद है। इसमें कहा गया है कि आत्महत्या से दो दिन पहले भी उसके साथ शारीरिक सम्बंध बनाया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गीतिका के साथ अक्सर शारीरिक सम्बंध बनाया जाता था।
पोस्टमार्टम एक संयुक्त टीम ने किया है जिसमें मौलाना आजाद मेडिकल कालेज एवं लोकनायक अस्पताल के चार डॉक्टरों की टीम शामिल थी।
पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि गीतिका और कांडा के नमूनों का मिलान कराया जाएगा और अगर गीतिका के 'वैजिनल स्वैब' के नमूने में कांडा के वीर्य की मौजूदगी पाई जाती है तो कांडा के खिलाफ पुलिस केस और मजबूत हो जाएगी।
गीतिका ने दो पृष्ठ के अपने सुसाइड नोट में कांडा और कांडा की एमडीएलआर एयरलाइंस कम्पनी की कर्मचारी अरुणा चड्डा पर आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने कांडा और चड्ढा के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
गीतिका चार अगस्त की रात उत्तरी दिल्ली स्थित अपने अशोक विहार आवास पर मृत पाई गई थी। उसने सुसाइड नोट में दोनों पर प्रताड़ना देने और अपनी जिंदगी को उजाड़ने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने इससे पहले अदालत में कहा था कि चड्ढा ने इस बात की पुष्टि की है कि गीतिक ने लाजपत नगर क्लीनिक में एक बार गर्भपात करवाया था। चड्ढ़ा को आठ अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है। चड्ढ़ा ने जांचकर्ताओं को पूछताछ में बताया कि कांडा के एमडीएलआर एयरलाइंस में केवल तीन विमान थे जबकि कम्पनी में 60 विमान परिचारिकाएं काम कर रही थीं।
कांडा को जब जांच में सहयोग देने के लिए आठ अगस्त को नोटिस भेजा गया तो उसके बाद से वह भूमिगत हो गया।
एमडीएलआर के कानूनी सलाहकार ने गीतिका और उसके भाई से उसकी आत्महत्या के एक दिन पूर्व बात की थी। उस दौरान गीतिका अपने भाई अंकित के फैशन शो में हिस्सा लेने के लिए मुम्बई में थी।
गीतिका के चचेरे भाई गौरव ने आईएएनएस से कहा कि उसके बाद से उसकी बहन काफी तनाव में आ गई।
गीतिका के भाई अंकित ने कहा कि उसकी बहन का फेसबुक अकाउंट भी बंद कर दिया गया। इस बारे में पुलिस उपायुक्त को भी सूचना दी गई। ''मैं नहीं जानता कि किसने और कैसे इसे बंद किया। लेकिन इसके पीछे कांडा है।''
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 30 से अधिक लोगों से पूछताछ की है और हरियाणा, गोवा और सिलीगुड़ी में करीब 60 स्थानों पर छापेमारी की है।
ऊपर की खबर की मानें तो क्या इस सरकारी अपराधी दुराचारियों की दुनिया में केवल और केवल हत्याएं, आत्म हत्याएं, यही नैतिकता है समाज इन्ही की नक़ल कर रहा होता है । खप पंचायतें क्या महिलाओं के हितों को नहीं देख रही होती हैं।
मंगलवार, 7 अगस्त 2012
किस तरह का था प्रेम और कौन थी फिजा !
तीन दिन पहले हुई फिजा की मौत, शव पर रेंग रहे थे कीड़े
Aug 06, 12:08 pm

मोहाली/नई दिल्ली। हरियाणा की पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन से प्रेम विवाह कर और बाद में तलाक लेकर चर्चा में आई अनुराधा बाली उर्फ फिजा सोमवार को मोहाली स्थित अपने आवास पर मृत मिली। 39 साल की फिजा का शव उसके कमरे में बेड पर पड़ा मिला। शव पूरी तरह फूल गया व काला पड़ गया था। शव से दुर्गध आ रही थी और उस पर कीड़े रेंग रहे थे। शव के पास शराब का एक खाली पव्वा, एक खाली गिलास और एक सिगरेट की डिब्बी पड़ी मिली। पुलिस का प्रारंभिक आकलन है कि फिजा की मौत तीन-चार दिन पहले हो चुकी थी। पुलिस मौत का कारण नशे की अधिक मात्रा मानकर चल रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक फिजा ने तीन दिन पहले ही आत्महत्या कर ली थी। फिजा घर में अकेले रह रही थी, इसलिए वारदात का पता नहीं चल पाया। जब पड़ोसियों को घर से बदबू आने लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस का कहना है कि प्रॉपर्टी विवाद और पड़ोसियों से परेशान होकर फिजा ने मौत को गले लगा लिया।
धर्म परिवर्तन कर आई थी सुर्खियों में
फिजा उस वक्त सुर्खियों में आई थी, जब उसने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे और पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्र मोहन से शादी कर ली थी। शादी करने के लिए दोनों ने अपना धर्म बदल लिया था। चंद्र मोहन ने अपना नाम चाद मोहम्मद रख लिया था, जबकि अनुराधा बाली ने अपना नाम फिजा रख लिया था। शादी के कुछ वक्त बाद ही दोनों अलग हो गए थे। चाद मोहम्मद उर्फ चंद्र मोहन से अलग होने के बाद फिजा अवसाद में चली गई थी। वह हरियाणा में पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता रह चुकी है।
हाल ही में हुई थी गिरफ्तार
फिजा को जून में मोहाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। फिजा को पड़ोसियों से गाली-गलौज करने और मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जनवरी में संजय अग्रवाल और फिजा के बीच हाथापाई हुई थी। फिजा के घर के पास एक ग्राउंड है। यहा बच्चे खेल रहे थे। फिजा ने उनको खेलने से मना कर दिया। इस बीच संजय अग्रवाल वहा पहुंच गए। फिजा ने संजय को गालिया देनी शुरू कर दी और उनके साथ मारपीट की।
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(जागरण से साभार)
बुधवार, 25 जुलाई 2012
वो दिन कब आएगा !
जाते जाते महामहिम श्रीमती प्रतिभा पाटिल ने महसूश किया की देश भ्रष्टाचार में डूबा है, और जल्द ही इससे मुक्त होगा . जबकि नए राष्ट्रपति विवादों में घिरे हुए आ रहे हैं की ये भ्रष्टाचार से ही चुनाव जीते हैं -

नई दिल्ली। पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर मंगलवार को अपने विदाई संबोधन में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही भ्रष्टाचार मुक्त देश बनेगा। पाटिल ने सलाह दी कि सरकार और जनता को मिलकर सुशासन और विकास के शत्रु भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए।
राष्ट्रपति के तौर पर राष्ट्र के नाम आखिरी संबोधन में उन्होंने कहा, 'आपके चारों ओर हो रही घटनाओं को समझने की क्षमता आपमें है, अपने विचारों को व्यक्त कीजिए। मुझे यकीन है कि हम भारत को मजबूत, प्रगतिशील, संयुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त देश बनाने में नाकामयाब नहीं होंगे।' दहेज, बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या और जन्म के बाद लड़कियों को मार डालने की सामाजिक बुराई को विकास की राह में बाधा करार देते हुए उन्होंने सभी से पुरजोर तरीके से इन कुरीतियों के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया। पाटिल के मुताबिक इन कुप्रथाओं के खिलाफ सरकार, सामाजिक संगठनों, एनजीओ और अन्य स्वैच्छिक संस्थाओं को मिलकर काम करना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं में प्रतिभा और योग्यता की कमी नहीं है, लेकिन सामाजिक अवरोधों और पूर्वाग्रहों की वजह से हम लैंगिक समानता का लक्ष्य पाने से अभी कोसों दूर हैं। लोकतांत्रिक ढांचे में आर्थिक वृद्धि कैसे हासिल की जा सकती है, भारत इसका उदाहरण है। यह आर्थिक तरक्की लोगों की खुशियों और प्रगति में तब्दील होगी। राष्ट्रपति ने खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य पाने के लिए कृषि उत्पादकता बढ़ाए जाने पर जोर दिया। साथ ही वर्षा आधिक्य और शुष्क क्षेत्रों में खेती के लिए नए तौर तरीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कृषि शोध संस्थान और ज्ञान विस्तार के तंत्र निचले स्तर पर ग्राम पंचायतों से समन्वय कर उन्नत तकनीकों और खेती की आधुनिक प्रक्रिया को किसानों तक पहुंचाएंगे।
शनिवार, 16 जून 2012
भ्रष्टाचार का अड्डा
हजारों सालों के इस सड़े 'जातिवादी' विश्वविद्यालय को बंद क्यों नहीं कर दिया जाता ?
जो केवल और केवल भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है
(न जाने कितनों को अपढ़ बनाये रखने के काम संलिप्त विश्वविद्यालय)
परीक्षा अभिलेखों में हेराफेरी, फंसा सत्यापन
जो केवल और केवल भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है
(न जाने कितनों को अपढ़ बनाये रखने के काम संलिप्त विश्वविद्यालय)
परीक्षा अभिलेखों में हेराफेरी, फंसा सत्यापन
Jun 16, 01:48 am
संस्कृत विश्वविद्यालय
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-पांच हजार अंकपत्रों की जांच लंबित, रिपोर्ट बनाने में हीलाहवाली
वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के परीक्षा अभिलेखों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी प्रकाश में आयी है। इसके चलते शास्त्री-आचार्य के हजारों परीक्षाफल संदिग्ध घोषित कर दिए गए हैं। ऐसे में विभिन्न डायटों व अन्य संस्थानों से आ रहे अंकपत्रों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में परीक्षा गोपनीय विभाग में लगभग पांच हजार अंकपत्र, सत्यापन के लिए पेंडिंग पड़े हैं।
सूत्रों के अनुसार शास्त्री-आचार्य के विभिन्न सत्रों के टेबुलेशन रजिस्टर के पन्ने बदल दिए गए हैं। इतना ही नहीं परीक्षा अभिलेखों में तमाम कटिंग कर परिणामों को प्रभावित कर दिया गया हैं। संज्ञान में आने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे अभिलेखों को संदिग्ध घोषित कर दिया है, साथ ही अंकपत्रों के सत्यापन के लिए चार सदस्यीय समिति भी गठित की गई है। इसमें प्रो. केदारनाथ त्रिपाठी, प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, डॉ. शीतला प्रसाद उपाध्याय व डॉ. सूर्यकांत सदस्य हैं। संदिग्ध अभिलेखों में दर्ज परीक्षार्थियों के विवरण का सत्यापन समिति के माध्यम से किया जाता है। दूसरी ओर सामान्य जांच परीक्षा गोपनीय विभाग करता है। अभिलेखों की लीपापोती के चलते कर्मचारियों के साथ अब जांच समिति भी सत्यापन करने से कतरा रही है। यही कारण है कि पिछले कई महीने से काफी संख्या में अंकपत्रों का सत्यापन फंसा हुआ है।
दोनों प्रति में गड़बड़झाला
शास्त्री-आचार्य की विभिन्न कक्षाओं के टेबुलेशन रजिस्टर दो प्रतियों में तैयार किए जाते है। अभिलेखों का रखरखाव ठीक न होने के कारण दोनों प्रतियों में गड़बड़झाला है। इसके चलते कर्मचारी भी सत्यापन करने से कतराते है।
संगणक केंद्र से हो रहा मिलान
अभिलेखों में हेराफेरी को देखते हुए अब अंकपत्रों का सत्यापन संगणक केंद्र में दर्ज रिकार्ड से मिलान कर तैयार किया जा रहा है। कई स्तर पर मिलान होने के कारण भी सत्यापन में देरी हो रही है।
अभिलेखों के नवीनीकरण की योजना ठंडे बस्ते में
परीक्षा अभिलेखों की संदिग्धता को देखते हुए कुलपति प्रो. बिंदा प्रसाद मिश्र ने पिछले दस वर्षो के परीक्षा रिकार्ड के नवीनीकरण की योजना बनाई है। इसके तहत सारे रिकार्ड कंप्यूटराइज्ड किए जाने हैं। इसे सर्वर के माध्यम से विभिन्न अनुभागों में लगे कंप्यूटर से जोड़ा जाना है। लगभग छह माह पहले बनी यह योजना फिलहाल तो ठंडे बस्ते में है।
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गौतम बुद्ध विवि की जांच रिपोर्ट लोकायुक्त को भेजी
Updated on: Mon, 09 Jul 2012 01:03 AM
जागरण ब्यूरो, लखनऊ : शासन ने ग्रेटर नोएडा के गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में अनियमितताओं की जांच रिपोर्ट लोकायुक्त को भेज दी है। लोकायुक्त ने विश्वविद्यालय में हुईं कथित अनियमितताओं के संबंध में शासन से जांच रिपोर्ट तलब की थी।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के निर्माण और वहां के पुस्तकालय में अनियमितताओं के संबंध में लोकायुक्त के कार्यालय में परिवाद दाखिल किया गया था। मामले की जांच में लोकायुक्त ने शासन से विश्वविद्यालय में अनियमितताओं की विस्तृत जांच कराकर उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इस पर शासन ने विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर अनियमितताओं की जांच कराने का निर्देश दिया था। अनियमितताओं की जांच विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने की थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई थी जिसे शासन ने लोकायुक्त कार्यालय को उपलब्ध करा दिया है।
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