बुधवार, 5 सितंबर 2012

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के साथ भेदभाव



'घर से निकलते ही छेड़ी जाती हूँ..'

 मंगलवार, 4 सितंबर, 2012 को 15:58 IST तक के समाचार
महिलाओं को सड़कों पर आए दिन छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है.
मिस्र भारत से हज़ारों किलोमीटर दूर सही लेकिन इंटरनेट पर वहां की एक घटना का वीडियो, हाल ही में असम में एक लड़की के साथ हुई यौन हिंसा की याद ताज़ा कर देता है.
दरअसल पिछली सर्दियों में मिस्र के एलेक्सेंड्रिया शहर में मर्दों की भीड़ ने एक महिला पर हमला किया था.
घटना के वीडियो में महिला को कंधों पर उठाकर ले जा रहे लोगों को देखा जा सकता है. ये लोग बाद में महिला को ज़मीन पर घसीटते भी हैं.
भीड़ के शोरगुल में उस महिला की चीख शायद ही सुनाई दे रही थी और ये कहना मुश्किल था कि कौन उसे बचा रहा है और कौन उस पर हमला कर रहा है.
ये वाकया शायद उत्पीड़न का बहुत बुरा रूप था लेकिन सर्वेक्षणों के मुताबिक मिस्र की कई महिलाओं को रोज़ाना किसी न किसी रूप में यौन उत्पीड़न का सामना करना ही पड़ता है.
मिस्र में कार्यकर्ताओं का कहना है कि वहां महिलाओं के खिला़फ़ यौन उत्पीड़न के मामले संक्रमण की तरह फैल रहे हैं.
पिछले तीन महीने में इस तरह की घटनाओं में इतनी बढ़ोतरी हुई है कि कई महिलाएं इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा मानने लगी हैं.

सड़कों पर चलने में डर

"“मिस्र की ज़्यादातर महिलाएं हिजाब पहनती हैं लेकिन उनमें से कई ने यौन उत्पीड़न का सामना किया है. "
मिस्र की एक युवती
एक महिला मार्वा (बदला हुआ नाम) कहती हैं कि जब भी वो बाज़ार जाती हैं तो उन्हें डर लगा रहता है कि कोई उन्हें ग़लत तरीक़े से छुएगा या फिर ताना कसेगा.
वो कहती हैं, “मुझे एक लड़की होने के नाते बहुत डर लगता है. जब मैं सड़कों पर चल रही होती हूं और कोई मुझे तंग करता है तो मैं डर जाती हूं. इसी वजह से मैं बाहर जाना नहीं चाहती और अगर जाती भी हूं तो ख्याल रखती हूं कि इस तरह के कपड़े न पहनूं जिससे लोगों का ध्यान मेरी तरफ़ जाए.”
लेकिन पारंपरिक तरीके से या सतर्क हो कर कपड़े पहनना भी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है.

पारंपरिक कपड़ों में भी छेड़छाड़

वो युवती कहती है कि अगर महिलाएं नकाब़ भी पहनें तो भी उन्हें ज़्यादती का सामना करना पड़ सकता है.
वो कहती हैं, “मिस्र की ज़्यादातर महिलाएं हिजाब पहनती हैं लेकिन उनमें से कई ने यौन उत्पीड़न का सामना किया है. आंकड़े बताते हैं कि ज़्यादातर महिलाएं जिन्होंने यौन उत्पीड़न का सामना किया उन्होंने या तो सिर ढका हुआ था या फिर पूरी तरह से नकाब़ में थीं.”
वर्ष 2008 में मिस्र में महिलाओं के अधिकारों के लिए काम कर रही एक संस्था 'सेंटर फ़ॉर वुमन राइट्स' ने एक सर्वे में पाया था कि 80 फ़ीसदी से भी अधिक महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का सामना किया है और उनमें से अधिकतर महिलाओं ने सिर ढका हुआ था.

पुरुष-प्रधान समाज

महिलांओं को छेड़ने वाले पुरुषों में युवा लड़कों की संख्या बढ़ रही है.
काहिरा में स्थित अमरीकी विश्विद्यालय में समाजशास्त्री सैद सादेक कहते हैं कि इस समस्या की जड़ में मिस्र में बढ़ती इस्लामी रूढ़ीवादिता और पुरुष-प्रधान प्रवृति शामिल है.
वो कहते हैं, “पुरुष-प्रधान संस्कृति ये मानने को तैयार नहीं है कि महिलाएं पुरुष से ऊंची हो सकती हैं. जब कुछ महिलाओं ने अच्छी शिक्षा ली और वो कामकाज में पुरुषों से उपर चली गई तो पीछे रहने वाले पुरुषों ने बराबरी करने के लिए उनपर यौन उत्पीड़न का सहारा लिया. इसके अलावा धार्मिक कट्टरवादिता के बढ़ने पर भी महिलाओं पर आक्रमण किया गया. वो चाहते हैं कि महिलाएं घर वापस जाएं और काम न करें.”
इस तरह के चलन से मिस्र में कई पुरुष भी सकते में है. उनका कहना है कि वो बहुत निराश हैं क्योंकि उन्हें अपनी मां-बहन की सुरक्षा का डर लगा रहता है.
वहीं कई महिलाओं के लिए सवाल मूलभूत आज़ादी का है.
जैसा कि काहिरा में रहने वाली नैन्सी कहती हैं, “मैं चाहती हूं की जब मैं सड़कों पर चलूं तो सुरक्षित महसूस करूं और एक इंसान की तरह रहूं. किसी को भी मुझे छूने या तंग करने का अधिकार नहीं है.”

बुधवार, 29 अगस्त 2012

काले रंग के भारतीयों पर फबता है सोना !

चीनी अखबार ने किया व्यंग्य, काले रंग के भारतीयों पर फबता है सोना

बीजिंग/एजेंसी
Story Update : Wednesday, August 29, 2012    12:34 AM
chinese newspapers satirical commentary on the indians
‘भारतीय काले रंग के होते हैं इसी लिए उन पर सोने के गहने फबते (अच्छे लगते) हैं।’ चीन के एक सरकारी अखबार ने भारतीयों के सोना पहनने की संस्कृति को कुछ इसी तरह तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। अभिनेत्री ऐश्वर्या राय और अन्य मॉडल की तसवीरों के साथ प्रकाशित इस आलेख को नस्ली माना जा रहा है।

पीपुल्स डेली ऑनलाइन ने किया व्यंग्य
पीपुल्स डेली ऑनलाइन ने कहा है, ‘कान में बाली और गले में हार पहने महिलाओं को यहां-वहां देखा जा सकता है। यहां तक कि सड़क के किनारे भीख मांगने वाली छोटी लड़कियां भी सोने के आभूषण पहने दिख जाती हैं।’ अखबार ने व्यंग्यपूर्ण लहजे में कहा है कि भारतीय महिलाएं तो सोने का आभूषण पहने बगैर बाहर ही नहीं निकलती हैं।

आभूषणों के लेन-देन का भी उड़ाया मजाक
भारत में पुरुषों का आभूषण पहनना भी सामान्य बात है। शादियों में भी माता-पिता दहेज के रूप में अपनी बेटियों को सोने के गहने देते हैं। यह केवल बेटी की सुंदरता के लिए ही नहीं बल्कि शादीशुदा जिंदगी में भी उसके काम आता है। छोटे शहरों में भी आभूषणों की दुकानें खुल गई हैं। सोना खरीदने को बढ़ावा देने वाली भारत सरकार की ‘पेपर गोल्ड’ योजना का भी जिक्र किया गया है।

सोने का बड़ा आयातक देश है भारत
गौरतलब है कि एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वर्ष चीन सबसे बड़े सोने के आयातक देश भारत से आगे निकल सकता है। चीन में सोने की मांग तेजी से बढ़ रही है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, वर्ष के शुरुआती छह महीनों में चीन में 417 टन सोने की मांग रही जबकि भारत में 383.2 टन। हालांकि जनवरी-मार्च 2012 के दौरान भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक देश बना रहा, यहां 209 टन सोने का आयात हुआ जबकि चीन में 136 टन।

सब जगह मंत्री बेव्कूफ्फ़ ही बनाये जाते हैं

महिलाओं ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री लक्ष्मण ढोबले को चप्पलों से पीटा..

महाराष्ट्र में दुष्कर्म की शिकार महिलाओं पर जल वितरण मंत्री लक्ष्मण ढोबले के भाषण ने ‘जले पर नमक छिड़कने’ जैसा काम किया. महिलाओं ने आव देखा न ताव बस, दे दनादन मंत्रीजी 
को चप्पलों से धुन डाला.

घटना रविवार शाम की है. महाराष्ट्र के वॉटर सप्लाई मिनिस्टर एक लक्ष्मण ढोबले स्थानीय साहित्य सम्मेलन में भाषण दे रहे थे. एनसीपी पार्टी के ढोबले का बयान था कि बलात्कार और यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को बेवजह प्रदर्शन और आंदोलन करने से कुछ हासिल नहीं होने वाला. किसी दलित महिला पर बलात्कार हो, तो वह महिला अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर वकील-जज बनाए. इसके बाद ही उसे न्याय मिलेगा. बस मंत्रीजी के यह कहने भर की देर थी कि महिलाओं का गुस्सा सांतवें आसमान पर पहुंच गया.
मंत्री महोदय नागपुर में आयोजित चौथे राज्यस्तरीय ‘अन्ना भाऊ साठे साहित्य सम्मेलन’ में प्रवचननुमा भाषण दे रहे थे. शुरुआत में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पिछड़े वर्गो के लिए रखी गई 4,430 करोड़ के बजट की राशि दलित कार्यकर्ता अपनी-अपनी जातियों को दिलाने में जुटे रहते हैं.
-चप्पल जूतों की बारिश
इसके बाद उन्होंने बलात्कार की शिकार महिलाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मोर्चे निकालने से कुछ हासिल नहीं होता. उनके इस बयान से लोग नाराज हो गए. महिलाओं ने उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी. फिर देखते ही देखते मंत्री पर चप्पलें बरसने लगीं. वहां मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि एक व्यक्ति ने मंत्रीजी के गाल पर तमाचा जड़ने का भी प्रयास किया.
इसके बाद अपनी झेंप मिटाने के लिए मंत्रीजी पिटाई की बात से मुकर गए. उन्होंने कहा मेरी पिटाई नहीं हुई, बस कुछ अराजक लोगों ने मेरे खिलाफ नारे लगाए थे. मेरे समर्थकों ने उन्हें मेरी तरफ से जवाब दे दिया. इससे पहले भी जनवरी में सतारा जिले में पुरुषों द्वारा एक दलित महिला को निर्वस्त्र घुमाने की घटना पर विवादास्पद बयान देकर मंत्रीजी फंस चुके हैं.
-इधर फिसली जुबान, उधर चली चप्पलें
वैसे अपने देश में मंत्रियों की जुबान फिसलने पर उनकी पिटाई होना कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी कई मंत्रियों की जुबान फिसलने पर जनता चप्पलों से उनका स्वागत कर चुकी है.
एक बार कर्नाटक के एक वरिष्ठ मंत्री की उन्हीं की पार्टी के एक कार्यकर्ता ने अति सुरक्षा वाले राज्य सचिवालय में सरे आम चप्पल से पिटाई की थी. बताया जाता है कि यह कार्यकर्ता उसे राज्य संचालित किसी निगम या बोर्ड का प्रमुख बनाने में मंत्री द्वारा मदद नहीं किए जाने से नाराज था. राज्य के आवास मंत्री वी.सोमण्णा जैसे ही विधान सौध स्थित अपने कक्ष से बाहर निकले, बी. एस. प्रसाद नाम के कार्यकर्ता ने उन्हें चप्पल दे मारी.

कश्मीर में सेना के जवानों ने वर्ष 2002 में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंथा चौक के समीप राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री बशीर अहमद नेंगरू और उनके पुत्र की कथित तौर पर पिटाई कर दी थी.
वहीं पिछले साज राजधानी दिल्ली में आयोजित एक समारोह से बाहर निकलते समय केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को एक सिरफिरे युवक ने सरेआम जोरदार थप्पड़ जड़ दिया था. थप्पड़ मारने वाले शख्स का नाम हरविंदर है और वह दिल्ली के रोहिणी इलाके का रहने वाला है. जैसे ही शरद पवार एक समारोह से बाहर निकले तभी वहा ताक में बैठे युवक हरविंदर ने मीडिया को हटाते हुए शरद पवार को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया था. इसके बाद वहा मौजूद मीडिया के लोगों ने युवक को पकड़ लिया लेकिन हरविंदर ने इस दौरान चाकू निकाल लिया और हवा में लहराने लगा. आरोपी मानसिक रूप से बीमार बताया गया था. आपको बता दें कि यह वही शख्स है जिसने कोर्ट के बाहर पूर्व दूरसंचार मंत्री सुखराम पर भी हमला किया था. इस घटना के बाद शरद पवार को अपना सिर छिपाने के लिए कहना पड़ा था कि इसे गंभीरता से न लिया जाए, मुझे कोई नुकसान नहीं हुआ. बावजूद इसके केंद्रीय कृषि मंत्री के नजदीक एक हमलावर का पहुंच जाना कई सवाल खड़े कर देता है.
(जागरण)

रविवार, 26 अगस्त 2012

जांच की जद में संस्कृत विवि


जांच की जद में संस्कृत विवि के दो अधिकारी भी

Aug 26, 01:04 am
फिर धमकी सीबीसीआइडी की टीम, खंगाले गए अभिलेख
जागरण संवादाता, वाराणसी : फर्जीवाड़े की जांच कर रही सीबीसीआइडी की टीम शनिवार को फिर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में धमकी। इस दौरान टीम ने तीन कर्मचारियों का बयान लिया और परीक्षा अभिलेखों को भी खंगाला। सीबीसीआइडी की जांच की जद में विश्वविद्यालय के पूर्व दो अधिकारी भी हैं।
टीम ने कर्मचारियों से अभिलेखों के रखरखाव का तरीका व अधिकारियों के नाम भी पूछे। ज्ञात हो कि विशिष्ट बीटीसी व बीटीसी में बड़े पैमाने पर संस्कृत विश्वविद्यालय के डिग्रीधारक चयनित हुए हैं। जांच में अधिकतर डिग्रीधारियों के अंकपत्र फर्जी मिले है। इसे देखते हुए शासन ने फर्जीवाड़ा की जांच सीबीसीआइडी को सौंप दी है। इस क्रम में सीबीसीआइडी की टीम कई बार जांच करने संस्कृत विश्वविद्यालय आ चुकी है। सूत्रों के अनुसार बागपत डायट को भेजी गई 198 सत्यापन रिपोर्टो की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया इस रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा देखने को मिला है। विश्वविद्यालय के अभिलेख में जो छात्र ही नहीं हैं, सत्यापन रिपोर्ट में उन्हें प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण बताया गया है। इतना ही नहीं, सत्यापन रिपोर्ट की मूल व कार्बन कॉपी में काफी अंतर है। दोनों कॉपियों में एक ही अनुक्रमांक पर अलग-अलग परीक्षार्थियों के नाम का उल्लेख किया गया है। सीबीसीआइडी इस फर्जीवाड़े में लिप्त लोगों के बारे में पता लगाने में जुटी हुई है। शनिवार को विश्वविद्यालय बंद होने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी।

रविवार, 19 अगस्त 2012

इस सरकारी अपराधी दुराचारियों की दुनिया


गोपाल कांडा ने किया था गीतिका का यौन शोषण!
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:18-08-12 09:13 PM
Last Updated:18-08-12 09:35 PM
गीतिका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि आत्महत्या से दो दिन पहले भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए थे। पुलिस अब गीतिका के 'वैजिनल स्वैब' का गोपाल कांडा के वीर्य से मिलान करेगी। गीतिका ने खुदकुशी कर ली थी और इसके लिए उसने कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।
कांडा को शनिवार को समर्पण करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने उसे सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि वे कांडा के वीर्य का नमूना शीघ्र लेने की योजना बना रहे हैं।
पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि वे गीतिका से लिए गए 'वैजिनल स्वैब' के नमूने को कांडा के नमूने से मिलान कराएंगे।
गीतिका के 11 पृष्ठों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आईएएनएस के पास मौजूद है। इसमें कहा गया है कि आत्महत्या से दो दिन पहले भी उसके साथ शारीरिक सम्बंध बनाया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गीतिका के साथ अक्सर शारीरिक सम्बंध बनाया जाता था।
पोस्टमार्टम एक संयुक्त टीम ने किया है जिसमें मौलाना आजाद मेडिकल कालेज एवं लोकनायक अस्पताल के चार डॉक्टरों की टीम शामिल थी।
पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि गीतिका और कांडा के नमूनों का मिलान कराया जाएगा और अगर गीतिका के 'वैजिनल स्वैब' के नमूने में कांडा के वीर्य की मौजूदगी पाई जाती है तो कांडा के खिलाफ पुलिस केस और मजबूत हो जाएगी।
गीतिका ने दो पृष्ठ के अपने सुसाइड नोट में कांडा और कांडा की एमडीएलआर एयरलाइंस कम्पनी की कर्मचारी अरुणा चड्डा पर आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने कांडा और चड्ढा के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
गीतिका चार अगस्त की रात उत्तरी दिल्ली स्थित अपने अशोक विहार आवास पर मृत पाई गई थी। उसने सुसाइड नोट में दोनों पर प्रताड़ना देने और अपनी जिंदगी को उजाड़ने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने इससे पहले अदालत में कहा था कि चड्ढा ने इस बात की पुष्टि की है कि गीतिक ने लाजपत नगर क्लीनिक में एक बार गर्भपात करवाया था। चड्ढ़ा को आठ अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है। चड्ढ़ा ने जांचकर्ताओं को पूछताछ में बताया कि कांडा के एमडीएलआर एयरलाइंस में केवल तीन विमान थे जबकि कम्पनी में 60 विमान परिचारिकाएं काम कर रही थीं।
कांडा को जब जांच में सहयोग देने के लिए आठ अगस्त को नोटिस भेजा गया तो उसके बाद से वह भूमिगत हो गया।
एमडीएलआर के कानूनी सलाहकार ने गीतिका और उसके भाई से उसकी आत्महत्या के एक दिन पूर्व बात की थी। उस दौरान गीतिका अपने भाई अंकित के फैशन शो में हिस्सा लेने के लिए मुम्बई में थी।
गीतिका के चचेरे भाई गौरव ने आईएएनएस से कहा कि उसके बाद से उसकी बहन काफी तनाव में आ गई।
गीतिका के भाई अंकित ने कहा कि उसकी बहन का फेसबुक अकाउंट भी बंद कर दिया गया। इस बारे में  पुलिस उपायुक्त को भी सूचना दी गई। ''मैं नहीं जानता कि किसने और कैसे इसे बंद किया। लेकिन इसके पीछे कांडा है।''
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 30 से अधिक लोगों से पूछताछ की है और हरियाणा, गोवा और सिलीगुड़ी में करीब 60 स्थानों पर छापेमारी की है।
ऊपर की खबर की मानें तो क्या इस सरकारी अपराधी दुराचारियों की दुनिया में केवल और केवल हत्याएं, आत्म हत्याएं, यही नैतिकता है समाज इन्ही की नक़ल कर रहा होता है । खप पंचायतें क्या महिलाओं के हितों को नहीं देख रही होती हैं। 

मंगलवार, 7 अगस्त 2012

किस तरह का था प्रेम और कौन थी फिजा !


तीन दिन पहले हुई फिजा की मौत, शव पर रेंग रहे थे कीड़े

Aug 06, 12:08 pm
मोहाली/नई दिल्ली। हरियाणा की पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन से प्रेम विवाह कर और बाद में तलाक लेकर चर्चा में आई अनुराधा बाली उर्फ फिजा सोमवार को मोहाली स्थित अपने आवास पर मृत मिली। 39 साल की फिजा का शव उसके कमरे में बेड पर पड़ा मिला। शव पूरी तरह फूल गया व काला पड़ गया था। शव से दुर्गध आ रही थी और उस पर कीड़े रेंग रहे थे। शव के पास शराब का एक खाली पव्वा, एक खाली गिलास और एक सिगरेट की डिब्बी पड़ी मिली। पुलिस का प्रारंभिक आकलन है कि फिजा की मौत तीन-चार दिन पहले हो चुकी थी। पुलिस मौत का कारण नशे की अधिक मात्रा मानकर चल रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक फिजा ने तीन दिन पहले ही आत्महत्या कर ली थी। फिजा घर में अकेले रह रही थी, इसलिए वारदात का पता नहीं चल पाया। जब पड़ोसियों को घर से बदबू आने लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस का कहना है कि प्रॉपर्टी विवाद और पड़ोसियों से परेशान होकर फिजा ने मौत को गले लगा लिया।
धर्म परिवर्तन कर आई थी सुर्खियों में
फिजा उस वक्त सुर्खियों में आई थी, जब उसने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे और पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्र मोहन से शादी कर ली थी। शादी करने के लिए दोनों ने अपना धर्म बदल लिया था। चंद्र मोहन ने अपना नाम चाद मोहम्मद रख लिया था, जबकि अनुराधा बाली ने अपना नाम फिजा रख लिया था। शादी के कुछ वक्त बाद ही दोनों अलग हो गए थे। चाद मोहम्मद उर्फ चंद्र मोहन से अलग होने के बाद फिजा अवसाद में चली गई थी। वह हरियाणा में पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता रह चुकी है।
हाल ही में हुई थी गिरफ्तार
फिजा को जून में मोहाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। फिजा को पड़ोसियों से गाली-गलौज करने और मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जनवरी में संजय अग्रवाल और फिजा के बीच हाथापाई हुई थी। फिजा के घर के पास एक ग्राउंड है। यहा बच्चे खेल रहे थे। फिजा ने उनको खेलने से मना कर दिया। इस बीच संजय अग्रवाल वहा पहुंच गए। फिजा ने संजय को गालिया देनी शुरू कर दी और उनके साथ मारपीट की।
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(जागरण से साभार) 


बुधवार, 25 जुलाई 2012

वो दिन कब आएगा !


जाते जाते महामहिम श्रीमती प्रतिभा पाटिल ने महसूश किया की देश भ्रष्टाचार में डूबा है, और जल्द ही इससे मुक्त होगा . जबकि नए राष्ट्रपति विवादों में घिरे हुए आ रहे हैं की ये भ्रष्टाचार से ही चुनाव जीते हैं -


भारत जल्द ही भ्रष्टाचार मुक्त देश बनेगाJul 25, 12:28 am

नई दिल्ली। पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर मंगलवार को अपने विदाई संबोधन में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही भ्रष्टाचार मुक्त देश बनेगा। पाटिल ने सलाह दी कि सरकार और जनता को मिलकर सुशासन और विकास के शत्रु भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए।
राष्ट्रपति के तौर पर राष्ट्र के नाम आखिरी संबोधन में उन्होंने कहा, 'आपके चारों ओर हो रही घटनाओं को समझने की क्षमता आपमें है, अपने विचारों को व्यक्त कीजिए। मुझे यकीन है कि हम भारत को मजबूत, प्रगतिशील, संयुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त देश बनाने में नाकामयाब नहीं होंगे।' दहेज, बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या और जन्म के बाद लड़कियों को मार डालने की सामाजिक बुराई को विकास की राह में बाधा करार देते हुए उन्होंने सभी से पुरजोर तरीके से इन कुरीतियों के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया। पाटिल के मुताबिक इन कुप्रथाओं के खिलाफ सरकार, सामाजिक संगठनों, एनजीओ और अन्य स्वैच्छिक संस्थाओं को मिलकर काम करना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं में प्रतिभा और योग्यता की कमी नहीं है, लेकिन सामाजिक अवरोधों और पूर्वाग्रहों की वजह से हम लैंगिक समानता का लक्ष्य पाने से अभी कोसों दूर हैं। लोकतांत्रिक ढांचे में आर्थिक वृद्धि कैसे हासिल की जा सकती है, भारत इसका उदाहरण है। यह आर्थिक तरक्की लोगों की खुशियों और प्रगति में तब्दील होगी। राष्ट्रपति ने खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य पाने के लिए कृषि उत्पादकता बढ़ाए जाने पर जोर दिया। साथ ही वर्षा आधिक्य और शुष्क क्षेत्रों में खेती के लिए नए तौर तरीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कृषि शोध संस्थान और ज्ञान विस्तार के तंत्र निचले स्तर पर ग्राम पंचायतों से समन्वय कर उन्नत तकनीकों और खेती की आधुनिक प्रक्रिया को किसानों तक पहुंचाएंगे।